किसे अपना कहू...
किसे अपना कहू किसे पराया अभी हमने कुछ सोचा नही है वो खुद को केहते है वतन परस्त पर हमने तो अभी आजमाया नही है दिया बन के रौशनी दे बस, गुरूर न कर हमने तूम्हे अभी सुरज कहा नही है करेंगे तूम्हे हम याद दुवाओमें सैय्यद मगर क्या करे तू अभी जिंदा है मरा नहीं है..